ताऊ के अनमोल बोल
ताऊ के जीवन नै सीख देण आले अनमोल बोल अर देसी कहावतां — सीधे WhatsApp पै गेरो या फोटो कार्ड डाउनलोड करो।
"वक्त सबतै बड़ा गुरु सै, जो कोई नी सिखा सकदा वो वक्त सिखा दे सै।"
— पंडित मांगे राम
"जो बांटणा सीख गया उसने जीना सीख लिया, चाहे रोटी हो या सुख-दुःख।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"मुसीबत आवै तो घबराना कोन्या, भगवान परीक्षा भी उसी की लेवे सै जो पार उतरण की हिम्मत राखै सै।"
— देसी ज्ञान
"जिंदगी की असली कमाई धन-दौलत कोन्या, चार भले मानस जो थारे नाम पै इज्जत करैं।"
— बुजुर्गों के बोल
"कर्म ऐसा करो कि आँख मिला के बात कर सको, आँख चुरा के ना जीणा पड़े।"
— फौजी मेहर सिंह
"अहंकार अर गुस्सा दो ऐसे कीड़े सैं जो बड़े-बड़े घराणां नै मिट्टी म्ह मिला दें सैं।"
— बाजे भगत
"सुख म्ह तो सारी दुनिया गेल खड़ी होवै सै, जो दुःख म्ह हाथ थाम ले वही असली यार सै।"
— देसी सुविचार
"कालजे म्ह दम अर नीयत म्ह सच्चाई होवे, तो दुनिया की कोई ताकत तनै रोक नी सकदी।"
— ताऊ के बोल
"धरती से बड़ा कोई दाता नहीं, माँ से बड़ी कोई देवी नहीं, अर बाप तै बड़ा कोई सहारा नहीं।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"हरयाणे की बोली लठमार लाग सकै सै, पर म्हारे दिल म्ह कदे कपट कोन्या हुंदा।"
— ताऊ के विचार
"भाईचारा वो धागा सै जो पूरे गाम नै एक माला म्ह पिरो के राखै सै।"
— बुजुर्गों के बोल
"गाँव की माटी की महक और खेत की हरियाली, दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ग तै भी न्यारी सै।"
— देसी बोल
"सांग और रागनी हरयाणे की आत्मा सैं, जो सदियों तै म्हारे इतिहास नै जिन्दा राखे सैं।"
— पंडित मांगे राम
"म्हारी संस्कृति म्ह अतिथि भगवान होवै सै, चाहे घर म्ह रूखी-सूखी हो, पर पाहुणे नै चूरमा ही खुवावैं सैं।"
— देसी संस्कार
"चौपाल की पंचायत अर हुक्के की गुड़गुड़ाहट म्ह जो अपनापन सै, वो महलां म्ह कित।"
— हरयाणवी संस्कृति
"बड़ों का आदर, छोटों से प्यार — यही हरयाणे का असली संस्कार।"
— दादा लखमीचंद
"खेत में हल चलावै किसान, अर सीम पै जान लड़ावै जवान; इन दोआं तै ही शान सै हिंदुस्तान।"
— फौजी मेहर सिंह
"रपिया-पैसा तो हाथ का मैल सै, असली पूँजी त भाईचारे का मेल सै।"
— देसी कहावत
"दूध-दही का खाणा, यो सै म्हारा हरयाणा; अखाड़े की माटी अर चौपाल का ठाठ म्हारी पहचान सै।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"सत्य की नाव डोल तो सकै सै, पर कदे डूब नी सकदी।"
— बाजे भगत
"जो झुकणा जाणै सै, वो सारी दुनिया नै जीत सकै सै; अकड़ तो सिर्फ मुरदे की पहचान होवै सै।"
— हरयाणवी सुविचार
"क्रोध और लोभ माणस की मति हर लें सैं, शांत मन ही सही रस्ता दिखावै सै।"
— दादा लखमीचंद
"किताबें ज्ञान दे सकैं सैं, पर संस्कार तो घर के बुजुर्ग ही सिखावैं सैं।"
— ताऊ के बोल
"अकल बादाम खाण तै कोन्या आंदी, ठोकर खाण तै आवै सै।"
— देसी कहावत
"सच्ची बात कड़वी लाग्या करै, पर उसका असर सदा मीठा होवै सै।"
— हरयाणवी ज्ञान
"जो माणस अपनी गलतियां तै सीखै, वो कदे जिंदगी की बाजी हार नी सकदा।"
— बुजुर्गों के बोल
"विद्या और ज्ञान वा दौलत सै जिस्नै कोई चोर चुरा नी सकदा और बांटण तै या घणी बढ़दी जावै सै।"
— संत गरीबदास
"बोलण तै पहले तोलो, फेर मुंह तै खोलो; बोली ही माणस का असली गहना सै।"
— ताऊ के विचार
"समय और समझ दोनों एक साथ बड़े कम लोगों नै मिलै सै, जब समय होवै तब समझ कोन्या हुन्दी, और जब समझ आवै तब समय नीकड़ जावै सै।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"ज्ञान वो धन है जो बाँटने से बढ़ता है, और माँगने से नहीं मिलता।"
— मान सिंह
"हरयाणे की माटी में बसे हैं वीरों के स्वर, यहाँ की हवाएं गाती हैं साहस की डगर।"
— अज्ञात कवि
"मेहनत करना छोड़ी नहीं, और किस्मत माँगी नहीं। जो कमाया वो खाया, और जो मिला वो जीया।"
— पंडित लखमीचंद
"जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल।"
— गुरु गोबिंद सिंह
"धरती से बड़ा कोई दाता नहीं, माँ से बड़ी कोई देवी नहीं।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"बड़ों का आदर, छोटों से प्यार - यही हरयाणे का संस्कार।"
— धर्मपाल सांगवान
"दूध-दही की माटी में पले-बढ़े, इसलिए हम हरयाणवी बने।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"हरयाणा की पहचान उसके पहलवानों और किसानों से है।"
— देवीलाल
"कुरुक्षेत्र की भूमि ने सिखाया कि कर्म ही धर्म है।"
— श्रीमद् भगवद गीता
"जिसके मन में राम है, उसके कदमों में जग है।"
— बाजे भगत
"खेत में हल चलाने वाला किसान देश की रीढ़ है।"
— महात्मा गांधी
"बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ - यो नारा नहीं, जीवन का आधार है।"
— हरयाणा सरकार