अनमोल विचार
हरियाणा के कवियों, चिंतकों और लोक कहावतों के अनमोल विचार जो जीवन को सही दिशा देते हैं।
"जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल।"
— गुरु गोबिंद सिंह
"धरती से बड़ा कोई दाता नहीं, माँ से बड़ी कोई देवी नहीं।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"मेहनत करना छोड़ी नहीं, और किस्मत माँगी नहीं। जो कमाया वो खाया, और जो मिला वो जीया।"
— पंडित लखमीचंद
"हरयाणे की माटी में बसे हैं वीरों के स्वर, यहाँ की हवाएं गाती हैं साहस की डगर।"
— अज्ञात कवि
"ज्ञान वो धन है जो बाँटने से बढ़ता है, और माँगने से नहीं मिलता।"
— मान सिंह
"बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ - यो नारा नहीं, जीवन का आधार है।"
— हरयाणा सरकार
"खेत में हल चलाने वाला किसान देश की रीढ़ है।"
— महात्मा गांधी
"जिसके मन में राम है, उसके कदमों में जग है।"
— बाजे भगत
"कुरुक्षेत्र की भूमि ने सिखाया कि कर्म ही धर्म है।"
— श्रीमद् भगवद गीता
"हरयाणा की पहचान उसके पहलवानों और किसानों से है।"
— देवीलाल
"दूध-दही की माटी में पले-बढ़े, इसलिए हम हरयाणवी बने।"
— हरयाणवी लोकोक्ति
"बड़ों का आदर, छोटों से प्यार - यही हरयाणे का संस्कार।"
— धर्मपाल सांगवान