ज्योतिसर (Jyotisar)
वह पवित्र स्थान जहाँ वट वृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर ज्ञान दिया था।
उत्तम समय: वर्ष भर (विशेष रूप से संध्या समय लेजर शो)
पवित्र तीर्थ ब्रह्म सरोवर से लेकर शिवालिक पहाड़ियों के मोरनी हिल्स और भव्य मुगल पिंजौर गार्डन तक - हरयाणा के पर्यटन केंद्रों की संपूर्ण जानकारी।
वह पवित्र स्थान जहाँ वट वृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर ज्ञान दिया था।
उत्तम समय: वर्ष भर (विशेष रूप से संध्या समय लेजर शो)
132 एकड़ में फैला रोहतक का प्रमुख पर्यटन स्थल जो नौकायान, चिड़ियाघर और हरियाली से भरपूर है।
उत्तम समय: अक्टूबर से मार्च
एशिया का सबसे विशाल मानव निर्मित पवित्र जलाशय जहाँ सूर्य ग्रहण पर लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं।
उत्तम समय: अक्टूबर से मार्च (गीता जयंती उत्सव)
शिवालिक पहाड़ियों में स्थित हरयाणा का एकमात्र हिल स्टेशन जो टिक्कर ताल झील और हरियाली के लिए जाना जाता है।
उत्तम समय: सितंबर से मार्च
17वीं शताब्दी का भव्य मुगल गार्डन जो फव्वारों, सीढ़ीदार उद्यानों तथा शीश महल के लिए प्रसिद्ध है।
उत्तम समय: सितंबर से अप्रैल (बैसाखी मेला एवं मैंगो फेस्टिवल)
सूफी संत शेख चिल्ली का सुंदर संगमरमर निर्मित मकबरा जिसे 'हरयाणा का ताज महल' भी कहा जाता है।
उत्तम समय: अक्टूबर से मार्च
साइबेरिया तथा यूरोप से आने वाले सैकड़ों प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल तथा रामसर आर्द्रभूमि।
उत्तम समय: नवंबर से फरवरी (शीतकालीन पक्षी अवलोकन)
10वीं शताब्दी का तोमर राजा सूरजपाल द्वारा निर्मित सूर्य जलाशय, जो वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
उत्तम समय: फरवरी (अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला)