लोक संस्कृति

हरयाणवी रागनी अर्काइव्स

\"रागनी हरयाणवी लोक संस्कृति की आत्मा है...\" सांग कला की पारंपरिक संगीतमय धुनों, प्रसिद्ध किस्सों और ऐतिहासिक गीतों के बोलों (Lyrics) का संपूर्ण संकलन।

रागनी संग्रह सूची

आधुनिक

गाँव की चौपाल

Performer: दयाचंद मायना

चौपाल में बैठे बड़े-बुजुर्ग, हुक्के की नल गड़गड़ाती। खेत-खलिहान की बात करते, बारिश की राह मन में जाती। नीम की छाया में बैठे सब, गाँव की पंचायत लगती। यो चौपाल हमारी पाठशाला, जहाँ जिंदगी की राह मिलती।

आधुनिक

बेटी की रागनी

Performer: धर्मपाल सांगवान

बेटी है तो कल है म्हारा, बेटी पढ़ेगी तो घर चमकेगा। छोरी को मत समझो भार, इसके कारण गाँव दमकेगा। डॉक्टर इंजीनियर बनेगी यो, देश का नाम रोशन करेगी। साक्षी मलिक सी बेटी म्हारी, ओलंपिक में मेडल लावेगी।

आधुनिक

किसान की रागनी

Performer: मांगेराम

खेत में हल चलाता किसान, पसीना बहाता दिन-रात। आसमान से बादल माँगे, कर ईश्वर से की जाए बात। फसल उगाई पूरे जतन से, बाजार में नहीं मिला दाम। मांगेराम कहे सुनो सरकार, किसान करे तो क्या काम?

आधुनिक

मेले की रागनी

Performer: मान सिंह

हरयाणे का मेला लागा, ढोल-ढमाके बज रहे। नाच-गान और रंग-बिरंगी, हर तरफ झूले झूल रहे। फूलों की बहार आई, सब मिलकर खूब झूम रहे। यो हरयाणा का मेला सुंदर, सबके मन में खुशी भर रहे।

आधुनिक

पानी की रागनी

Performer: रणबीर सिंह बड़वासणी

पाणी बचाओ भाई-बहनो, यो धन सबसे अनमोल। बूंद-बूंद को जोड़ के रखो, पाणी ही जीवन का मोल। नहर खेत सींचते जावे, कुएं से मीठा जल टोल। रणबीर कहे सुनो सब मिलकर, पाणी के बिना होगा रोल।

बेटी की रागनी

गायक/परफॉर्मर: धर्मपाल सांगवान

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बेटी है तो कल है म्हारा, बेटी पढ़ेगी तो घर चमकेगा। छोरी को मत समझो भार, इसके कारण गाँव दमकेगा। डॉक्टर इंजीनियर बनेगी यो, देश का नाम रोशन करेगी। साक्षी मलिक सी बेटी म्हारी, ओलंपिक में मेडल लावेगी।