लोक संस्कृति

हरयाणवी रागनी अर्काइव्स

\"रागनी हरयाणवी लोक संस्कृति की आत्मा है...\" सांग कला की पारंपरिक संगीतमय धुनों, प्रसिद्ध किस्सों और ऐतिहासिक गीतों के बोलों (Lyrics) का संपूर्ण संकलन।

इस हफ्ते की रागनी

धरती माँ की रागनी

गायक/परफॉर्मर: पंडित लखमीचंद

Category: शास्त्रीय

धरती माँ जैसी कोई ना माँ, सब कुछ दे दिया इस माँ ने। हरयाणे की सोने की धरती, हर बेटे को पाल दिया इस माँ ने। गेहूं धान बाजरा उगाया, खेत-खलिहान हरे कर दिए। म्हारी माटी की महक न्यारी, जन्म से मरण तक प्यार दिए।

रागनी संग्रह सूची

शास्त्रीय

कृष्ण की रागनी

Performer: बाजे भगत

कुरुक्षेत्र की भूमि पर, कृष्ण ने गीता सुनाई। अर्जुन का मन डोल गया, कृष्ण ने राह दिखाई। कर्म करो फल की चिंता मत, यही बात समझाई। बाजे भगत ने गाई कथा यह, म्हारे हरयाणे में आई।