शास्त्रीयपारंपरिक सांग व लोकगीत

समय करा दे नर के करले

गायक / रचनाकार: पंडित लखमीचंदहरयाणवीशौक अर्काइव्स
सभी रागनियाँ
base
रागनी के बोल (Complete Lyrics)

समय करा दे नर के करले, समय बलवान बताया सै। राजा रामचन्द्र से बलिए को, वन में धक्के खाया सै॥ रावण जैसा जो बलशाली, लंका सोने की छाई, पल में राज-पाट सब छिन गया, ऐसी विपति चलाई। बड़े-बड़े सूरमा हार गए, किस-किस का नाम गिनाइए, लखमीचंद यो खेल समय का, किसे समझ में आया सै॥ हरिश्चंद्र से सत्यवादी, काशी में बिकवाए, रोहिताश बेटे के कफ़न पे, रानी से कर लगवाए। सत्य धर्म की टेक निभाई, नाम अमर करवा गए, वक्त पड़े पर पांडव भी, विराट नगर में आए सै॥ बली से छल कर वामन बनकर, तीन पग भूमि नापी, कर्म चक्र से बच ना पाया, चाहे कोई पुण्यात्मा या पापी। समय फिरे जब उल्टी गंगा, पत्थर तैरे पानी पर, लखमीचंद तू राम सुमिर ले, इस झूठी जिंदगानी पर॥

अन्य संबंधित रागनियाँ

सभी देखें →