शास्त्रीयपारंपरिक सांग व लोकगीत

माँ-बाप का आदर (सांग श्रवण कुमार)

गायक / रचनाकार: बाजे भगतहरयाणवीशौक अर्काइव्स
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रागनी के बोल (Complete Lyrics)

मात-पिता तैं बड़ा जगत म्हं कोई तीर्थ ना सै भाई, जिनकी सेवा कर ली नर नै, उसने मुक्ति पाई॥ अंधे माँ-बाप को कांवड़ में, श्रवण कुमार बैठाया, तीर्थ यात्रा कराने खातर, जंगल का रस्ता धाया। दशरथ का बाण लगा छाती पे, श्रवण ने प्राण गँवाए, मरते-मरते पानी का लोटा, माता-पिता ताईं पहुँचाए॥ बाजे भगत कहे संतों सुनो, माता-पिता की सेवा सार, इस सेवा से खुश हो जावे, सारा ये संसार। वृद्धावस्था में जो औलाद, माता-पिता को दुतकारे, नरक कुंड में गिरे जाकर, कोई ना उसको तारे॥

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