शास्त्रीयपारंपरिक सांग व लोकगीत

गुरु बिना मुक्ति कोन्या मिले (गुरु वंदना)

गायक / रचनाकार: पंडित मांगे रामहरयाणवीशौक अर्काइव्स
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रागनी के बोल (Complete Lyrics)

गुरु बिना मुक्ति कोन्या मिले, चाहे भटकै नर चौरासी मां। गुरु चरणां की धूलि ऊपर, बसे ज्ञान अविनाशी मां॥ गुरु लखमीचंद के पाछे, मांगेराम नै कलम चलाई, सांग कला की जोत जगाई, हरयाणे की लाज बचाई। ज्ञान की गंगा बहती जावे, जो नहावे वो तर जावे, अंधकार को दूर भगाके, नया उजाला कर जावे॥ मांगेराम कहे कर जोड़ के, गुरु के चरणी ध्यान लगा, मानुष तन अनमोल रतन सै, राम नाम का जाप जगा। भक्ति और सत्संग बिना यो, जीवन व्यर्थ गंवाया सै, गुरु कृपा से ही मानव ने, भव से पार लगाया सै॥

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