शास्त्रीयपारंपरिक सांग व लोकगीत
टोटा नफा कर्म का हो से
गायक / रचनाकार: पंडित लखमीचंदहरयाणवीशौक अर्काइव्स
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रागनी के बोल (Complete Lyrics)
टोटा नफा कर्म का हो से, व्यापार में घाटा-फाया के। बिना भाग्य के कुछ ना मिलदा, चाहे कितना जोर लगाया के॥ मेहनत करना धर्म मनुष्य का, फल देना ईश्वर के हाथ, खाली हाथ दुनिया में आया, खाली हाथ जावे साथ। ज्ञानी-ध्यानी सब यह कह गए, वेद पुराणों ने गाया, लखमीचंद भाग्य की रेखा को, कोई मेट ना पाया सै॥ जो बोवेगा वही लूणेगा, जैसी करनी वैसी भरनी, धर्म कर्म की बाट पकड़ ले, नेक कमाई करनी। साधु संत की सेवा कर ले, भवसागर तर जावेगा, सच्चा सौदा नाम राम का, बेड़ा पार लगावेगा॥