आधुनिकपारंपरिक सांग व लोकगीत
रणभूमि के मैदान में जब क्षत्रिय तलवार चलावै
गायक / रचनाकार: राजकिशन अगवानपुरियाहरयाणवीशौक अर्काइव्स
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रागनी के बोल (Complete Lyrics)
रणभूमि के मैदान में जब क्षत्रिय तलवार चलावै, दुश्मन दल थर-थर कांपे, आगे कोई टिक ना पावै॥ कुरुक्षेत्र की धरती ऊपर, जब अर्जुन बाण चलावे, गांडीव की टंकार सुन के, कौरव सेना घबरावे। धर्म युद्ध की यह गाथा, सदियों तक गाई जावे, सत्य और न्याय की खातर, वीर पुरुष जान गँवावे॥ राजकिशन की बुलंद आवाज, रग-रग में जोश जगावे, हरयाणे की माटी का गौरव, पूरी दुनिया दोहरावे। अधर्म का नाश हुआ रण में, धर्म की जय-जयकार हुई, गीता का उपदेश गूंज उठा, सत्य की सदा बहार हुई॥