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हरयाणे की शान अखाड़ा

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रागनी के बोल (Complete Lyrics)

अखाड़े की माटी में जो, अपना पसीना बहावे सै, वही पहलवान हरयाणे का, दुनिया में नाम कमावे सै॥ दूध जलेबी और बादाम, खाके जब दंगल में उतरे, धोबी पछाड़ और कलाजंग दांव, देख के बैरी सुध-बुध बिसरे। ओलंपिक में जब तिरंगा, शान से लहराया जावे, हर हरयाणवी का सीना, गर्व से चौड़ा हो जावे॥ रणबीर सिंह गावे रागनी, वीरों का वंदन करता सै, मातृभूमि की सेवा खातिर, हर पल आगे बढ़ता सै। कुश्ती और पहलवानी में, हरयाणे का नहीं जवाब, म्हारी माटी के लालों ने, पूरा किया हर सपना-ख्वाब॥

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