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रागनी के बोल (Complete Lyrics)
सच्चा यार वही जो विपता में, हंसकर हाथ बटावे, भीड़ पड़ी पर जो मुँह मोड़े, वो मित्र ना कहलावे॥ कर्ण और दुर्योधन की यारी, दुनिया आज भी गावे, प्राण दिए पर दिए वचन को, वीर कदे ना भुलावे। सुदामा के चावल खाके, कृष्ण ने तीनों लोक लुटाए, सच्ची मित्रता के आगे, भगवान भी शीश नवाए॥ मास्टर सतबीर कहे भाई, यारी का मान निभाना, मतलब की इस दुनिया में, सच्चा यार कमाना। दगाबाजी का फल बुरा हो, विश्वासघात ना कीजो, जो यार तुम्हारे खातिर लड़े, उसपर जान भी दीजो॥