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बेटी है कुल का मान (सांग भ्रूण हत्या विरोध)

गायक / रचनाकार: धर्मपाल सांगवानहरयाणवीशौक अर्काइव्स
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रागनी के बोल (Complete Lyrics)

बेटी कुल की लाज होती सै, बेटी कुल का मान सै, कोख में मत मारो इसको, यह ईश्वर का वरदान सै॥ पढ़-लिखकर जब बेटी आगे, नया मुकाम बनाती सै, दो-दो कुलों को तार के जग में, रोशन नाम कराती सै। कल्पना चावला बनी सितारा, गीता-बबीता बनी पहलवान, हर क्षेत्र में परचम लहराया, बढ़ाया भारत देश की शान॥ धर्मपाल कहे कर जोड़ के, बेटी को सम्मान दो, बेटे जैसा प्यार देकर, सपनों को उड़ान दो। जिस घर में बेटी का आदर, वहाँ लक्ष्मी का वास रहे, सदा खुशी और बरकत बरसे, मंगलमय उल्लास रहे॥

धर्मपाल सांगवान
रचनाकार परिचय

Dharampal Saathi

(1940 - 2010)

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Social reformist poet. Birthplace: Rohtak (1940). Genre: Progressive Haryanvi.

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