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रागनी के बोल (Complete Lyrics)
खेत में हल चलाता किसान, पसीना बहाता दिन-रात। आसमान से बादल माँगे, कर ईश्वर से की जाए बात। फसल उगाई पूरे जतन से, बाजार में नहीं मिला दाम। मांगेराम कहे सुनो सरकार, किसान करे तो क्या काम?
खेत में हल चलाता किसान, पसीना बहाता दिन-रात। आसमान से बादल माँगे, कर ईश्वर से की जाए बात। फसल उगाई पूरे जतन से, बाजार में नहीं मिला दाम। मांगेराम कहे सुनो सरकार, किसान करे तो क्या काम?